सिविल सेवा परीक्षा में आपकी सफलता का रहस्य क्या है?
१. कठिन परिश्रम, २. प्रतिकूल परिस्थितियों में विचलित न होना तथा
बेहतर समय प्रबन्धन, ३. ईश्वर पर पूर्ण आस्था।
इस परीक्षा की गहन तैयारी के लिए आपके विचार में कितने समय की आवश्यकता
है ?
निरन्तर परिश्रम के साथ १ वर्ष का समय उपयुक्त है।
साक्षात्कार बोर्ड के बारे में आपके क्या विचार है?
साक्षात्कार बोर्ड का रूख काफी सहयोगात्मक होता है। सामान्यतः बोर्ड
द्वारा छात्र के व्यक्तित्व की परख होती है न कि ज्ञान की।
भावी अभ्यर्थियों के लिए आप क्या सलाह वह संदेश देना चाहेंगे?
Success is not permanent
and failure is not final. So, never stop working after success and
never stop trying after failure.
सिविल सेवाओं को अपना कैरिअर बनाने की प्रेरणा आपको कहॉं से मिली ?
क्या आपको जीवन की कोई उल्लेखनीय घटना याद है, जिसने सिविल सेवा को
कैरिअर के रूप में अपनाने के लिए आपको प्रेरित किया हो ?
मुझे सिविल सेवा को कैरियर
बनाने की प्रेरणा अपने पिताजी (I.A.S)
से मिली। बचपन से ही उनके सानिध्य में रहने के कारण मैं इस क्षेत्र में
आने के लिए प्रेरित हुआ।
आपके परिजनों व मित्रों से आपकी इस सफलता में किस प्रकार से सहायता की?
मेरी इस सफलता में माता-पिता एवं भाई-बहनों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
उन्होंने हमेशा मुझे आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
यदि आपका चयन सिविल सेवाओं के लिए नहीं हो पाता तो इसके विकल्प के रूप
में आप किस क्षेत्र को अपना कार्यक्षेत्र बनाना पसन्द करते?
मेरा प्रथम एवं अन्तिम लक्ष्य सिविल सेवा ही था, इसलिए मैंने असिसटेंट
कमांडेंट एवं इंटेलीजेंस ऑफिसर के पद का भी त्याग कर दिया था।
आप इस सफलता को किस रूप में देखते हैं?
यह सफलता मेरे लिए विशेद्गा महत्व रखती है, साथ ही यह भावी छात्रों के
लिए भी प्रेरणास्रोत के रूप में है।
सिविल सेवा परीक्षा में आपके ऐच्छिक विषय क्या थे तथा इनके चयन का आपका
मापदंड क्या था?
ऐच्छिक
विषय-प्रारम्भिक परीक्षा-भारतीय इतिहास, मुखय परीक्षा-इतिहास एवं
दर्शनशास्त्र इतिहास मेरे स्नातक का विषय रहा है तथा दर्शनशास्त्र का
पाठ्यक्रम रुचिकर एवं छोटा होने के साथ-साथ अंकदायी है।
क्या चयन हेतु वर्तमान परीक्षा प्रणाली उपयुक्त है? इसमें सुधार के लिए
आप क्या सुझाव देना चाहेंगे?
वर्तमान परीक्षा
प्रणाली में कुछ परिवर्तन किये जा सकते हैं जैसे प्रारम्भिक से मुख्य
परीक्षा में क्वालीफाई के लिए जो Cutoff
होता है उसे कम रखना चाहिए ताकि योग्य छात्रों को आगे बढ़ने का मौका मिल
सके।
क्या आप सोचते हैं कि सिविल सेवा परीक्षाओं में बैठने के अवसरों की
संखया पर प्रतिबंध नहीं लगना चाहिए?
राज्य लोक सेवा आयोग में बैठने के अवसरों पर कोई प्रतिबन्ध नहीं यद्यपि
उम्र सीमा निश्चित है संघ लोक सेवा आयोग की तरह बैठने के अवसर निश्चित
किया जाना चाहिए।
अपना परीक्षा परिणाम जानने से पूर्व टॉपर्स के बारे में आपके क्या
विचार थे? क्या आप अपनी सफलता के प्रति आश्वस्थ थे?
टॉपर्स सामान्य प्रतियोगी ही होते हैं यद्यपि उनके अध्ययन की रणनीति,
समयबद्धता, उत्तम लेखन शैली उन्हें विशिष्ट बनाती है।
आप अपनी सफलता का श्रेय किसे देना चाहेंगे?
मैं अपनी सफलता का श्रेय ईश्वर की कृपा, माता-पिता व भाई-बहनों के
सहयोग, गुरुजनों के मार्गदर्शन एवं अध्ययन की उचित रणनीति को देना
चाहूँगा।
आपने कितने प्रयासों में यह सफलता अर्जित की। आपकी सेवा प्राथमिकताएं
क्या थ ?
यह मेरा दूसरा प्रयास था। पहले प्रयास में मैं साक्षात्कार तक पहुँचा
था। सेवा प्राथमिकता-१. डिप्टी कलेक्टर, २. डी.एस.पी.।
परीक्षा की तैयारी व परीक्षा भवन में समय प्रबन्धन के लिए आपकी क्या
नीति रही?
मैंने परीक्षा की तैयारी हेतु उपलब्ध समय को विषयवार बाँटकर अध्ययन
प्रारम्भ किया तथा प्रारम्भिक परीक्षा के लिए समग्र तथा मुख्य परीक्षा
व साक्षात्कार के लिए चयनित अध्ययन किया।
प्रारम्भिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा तथा साक्षात्कार की तैयारी के लिए
आपकी क्या योजना रही है?
प्रारम्भिक परीक्षा- भारतीय इतिहास एवं
सामान्य अध्ययन में समग्र तैयारी कर बल दिया तथा
तथ्यों के साथ-साथ अवधारणात्मक समझ को विकसित
किया।
मुख्य परीक्षा- मुख्य परीक्षा में सम्पूर्ण
पाठ्यक्रम को तैयार करने के बाद चयनात्मक पद्धति
के आधार पर तैयार की।
साक्षात्कार-साक्षात्कार के लिए मित्रों के साथ सामूहिक
परिचर्चा पर बल दिया गया तथा
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की साक्षात्कार सम्बन्धी सामग्री भी उपयोगी रही।
आपके विचार में सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी में न्यूनतम कितना समय
चाहिए तथा तैयारी किस स्तर से प्रारम्भ करनी चाहिए?
सिविल सेवा परीक्षा के लिए न्यूनतम १ वर्ष का समय सही है। स्नातक के
साथ ही तैयारी प्रारम्भ करना ज्यादा उपयुक्त है।
सिविल सेवा परीक्षाओं में माध्यम का क्या महत्व है?
महत्व माध्यम का नहीं बल्कि अभिव्यक्ति एवं प्रस्तुतीकरण का होता है।
सिविल सेवा प्रारम्भिक परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग के आरोपण के
सन्दर्भ में आपके क्या विचार है? क्या इसने नियमित प्रश्न अभ्यास का
महत्व बढ़ा दिया है?
सिविल सेवा, प्रारम्भिक परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग एक सही कदम है
इससे गम्भीर छात्रों को आगे बढने में मदद मिलेगी तथा इस पद्धति ने
अभ्यास एवं मूल्यांकन पत्र को अत्यधिक महत्वपूर्ण बना दिया है।
इस परीक्षा की तैयारी के दौरान आपकी सबसे बड़ी भूल क्या थी?
इस परीक्षा की तैयारी के दौरान सबसे बड़ी भूल यह थी कि मैं साक्षात्कार
के लिए विशेष अभ्यास नहीं कर पाया।
कृपया उस पाठ्य सामग्री का सूचीबद्ध करे जिसका प्रयोग आपने इस परीक्षा
की तैयारी के दौरान किया?
सामान्य अध्ययन- NCERT Book, Spectrum
Guide, हिन्दू एवं दैनिक भास्कर।
इतिहास- NCERT Book, प्राचीन भारत-झा एवं
श्रीमाली, मध्यकालीन भारत-सतीश चन्द्रा (Vol-1, 2) आधुनिक भारत-ग्रोबर,
विपिन चन्द्रा।
दर्शनशास्त्र- पाश्चात्य दर्शन-याकूब मसीह]
भारतीय दर्शन-हरेन्द्र सिन्हा
धर्मदर्शन- वेद प्रकाश वर्मा तथा पतंजलि के नोट्स।
आपके विचार में सिविल परीक्षाओं के लिए रणनीतिक तौर पर नियमित
स्वमूल्यांकन का क्या महत्व है?
सिविल सेवा परीक्षा में नियमित स्वमूल्यांकन का विशेद्गा महत्व है
क्योंकि इसके माध्यम से अपनी कमजोरियों को जानने वे उसके निराकरण में
आसानी होती है।
सिविल सेवा परीक्षाओं के
स्वमूल्यांकन व संवाद के प्लेटफार्म के रूप में
www.nceiindia.com
को आप किस रूप में देखते हैं?
मेरी सफलता में
nceiindia.com
का विशेष योगदान रहा क्योंकि प्रारम्भिक परीक्षा
से साक्षात्कार तक इसने मेरे मूल्यांकन के पक्ष को अत्यधिक मजबूत
बनाया।
हिन्दी माध्यम में ऑनलाइन मूल्यांकन सुविधा की उपलब्धता का इस परीक्षा
के प्रतियोगियों के लिए क्या महत्व है?
सिविल सेवा में हिन्दी
माध्यम के छात्रो की सबसे बड़ी समस्या यह होती है कि अत्यधिक परिश्रम के
बावजूद मूल्यांकन पर जोर नहीं दे पाते। अतः
nceiindiaकी ऑनलाइन मूल्यांकन
सुविधा इस दिशा में क्रांतिकारी कदम है।
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की अवधारणा के विषय में आपके क्या विचार है?
यह सभी छात्रों के लिए एक बेहतर मंच है तथा इसके माध्यम से सिविल सेवा
के बारे में न केवल जानकारी प्राप्त होती है बल्कि मूल्यांकन के माध्यम
से अपनी कमजोरियों को दूर करने का बेहतर अवसर मिलता है।
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प्रतियोगियों के लिए अधिक उपयोगी बनाने के लिए सुझाव दें।
nceiindia.comका प्रयास बेहद सराहनीय है।
प्रारम्भिक एवं मुख्य परीक्षा के मूल्यांकन के साथ साथ यदि इसमें
साक्षात्कार के लिए भी विशेष सामग्री उपलब्ध करायी जाये तो हिन्दी
माध्यम के छात्रों को अत्यधिक लाभ प्राप्त होगा।
धन्यवाद सफल व प्रतिद्गठापूर्ण जीवन के लिए हमारी शु्भकामनाएँ।